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बीज कांग्रेस 6 वीं राष्ट्रीय बीज कांग्रेस

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वीं

6
राष्ट्रीय बीज
कांग्रेस
2013

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गुणवत्ता नियंत्रण

खेत स्तर पर
 
  • मानक के अनुसार सही पृथक्करण दूरी बनाएं रखे।
  • प्रयास यह किया जाए कि एक स्धान पर सम्पूर्ण बीज प्रक्षेत्र एक प्रजाति के अन्तर्गत हो तथा एक ही श्रेणी एवं अवस्था का हो।
  • पूरा बीज प्रक्षेत्र एक साथ बोया जाए अत: एक स्थान पर कुल क्षेत्रफल 10 हे. से अधिक न हो।
  • समस्त बीज प्रक्षेत्र एक वर्ग किलोमीटर के अन्दर हो।
  • बीज प्रक्षेत्र के मिश्रित फसले न बोर्इ जाएं।
  • सीड डि्रल से बोआर्इ करने की दशा मे अन्य प्रजाति की बोआर्इ करने से पूर्व उसकी समुचित सफार्इ भी नितान्त आवश्यक है।
  • बुआर्इ इस प्रकार की जाये कि निरीक्षण मे असुविधा न हो।
  • जनक एवं आधारीय बीजो के किसी संस्था से क्रय किये की सिथति मे बीजो का जमाव परीक्षण क्रय से पूर्व करा लें।
  • आधारीय बीजो के उत्पादन मे कृषि विश्वविधालयो, राजकीय कृषि फार्मो एवं प्रगतिशील बीज उत्पादको को प्राथमिकता दी जाएं जिससे वांछित स्तर तक रोगिंग हो सके तथा उच्च गुणवत्ता वाले बीजो का उत्पादन सम्भव हो सकें। आधारीय बीज प्रक्षेत्रो का निरीक्षण परियोजना अधिकारी बीज उत्पादन अधिकारी के स्तर से भी किया जाये।
  •  प्रक्षेत्र स्तर पर बीजो की गुणवत्ता बनाये रखने हेतु गुणवत्ता निरीक्षण भी किये जाएं।
 
खलिहान स्तर पर
 
  • बीजो की मड़ार्इगहार्इ का कार्य इस प्रकार किया जाये कि एक प्रजाति के बीज का दूसरी प्रजाति के बीज में मिश्रण न होने पाएं।
  • बीज को बोरों मे भरने से पूर्व उनके नए न होने की दशा मे पलटकर झाड़ले जिससे उन बोरो में किसी प्रकार के अन्य किसी फसलप्रजाति के अथवा पूर्व सत्र के दाने न रहने पाएं।
  • पुराने बोरों को मैलाथियान लिण्डेन कीटनाशक का प्रयोग करके कीट मुक्त करना भी सुनिशिचत कर लें।
  • बोरों को सील कराकर दोहरी पंकितयों में इस प्रकार भण्डारित करें कि आवश्यकतानुसार बीज के प्रत्येक बोरे से नमूना लिया जा सके। बोरों पर कोड संख्या एवं प्रजाति अंकित करांए। प्रक्षेत्र नमूना लेकर सील किया जाए एवं उसका एक भाग सीलकर उत्पादकर के पास रखा जाये।
 
संयंत्र स्तर पर
 
  • निगम द्वारा जारी किये गये अन्त:ग्रहण पत्र के अनुसार ही बीजों का संयंत्र पर अन्त: ग्रहण कराएं।
  • संयत्र पर अन्त:ग्रहण प्रत्येक दिन निर्धारित नार्म के अनुसार ही कराएं।
  • बी.पी. नमूना वरण कर सील लगवाएं। एक गार्ड नमूना संयंत्र पर सुरक्षित ढंग से रखवाएं। वी.पी. नमूने नियमित रूप से परीक्षण हेतु बीज परीक्षण प्रयोगशाला को भेजे जाये।
  • संयंत्र पर किसी भी पाली में नार्मस से अधिक मात्रा की विधायन न कराया जायें।
  • धानगेंहू बीजों के विधायन हेतु संयंत्रो पर इण्डेंटेड सिलिंडर एवं दलहनी बीजों के विधायन करते समय स्पाइरलगे्रविटी सेपरेटर का प्रयोग किया जाये। विधायन के समय बीज शोधन के रसायन की समुचित मात्रा का समरस प्रयोग सुनिशिचत किया जाये।
  • थैलो मे संसाधित बीज की सही मात्रा भरी जायें। टेंक मे आटोमेटिक वेयर स्थापित होने की दशा मे प्रत्येक 15µ20 थैले के बाद एक दो थैलों का वनज एवरी तुलार्इ मशीन अथवा तिपार्इ वाले तोल काटे से अथवा जांच लिया जाये। थैलों मे सही वजना भरना सुनिशिचत करने के लिए सिलार्इ करने वाले मशीन चालक को उत्तरदायी माना जाये।
  • प्रत्येक थैले पर सील अवश्य लगार्इ जाये।
 
गोदाम स्तर पर
 
  • विधायन के उपरान्त बीजो को उपयुक्त गोदाम मे भण्डारित किया जाये।
  • जिस गोदाम मे बीज भण्डारित करने हो उसमे बीज के अतिरिक्त कोर्इ अन्य वस्तु विशेष रूप से रासयनिक खाद का भण्डारण न किया जाये।
  • गोदाम एयरटाइट हो, गोदाम की पिलन्थ जमीन से ऊंची हो। वह हवादार एवं सीलन से मुक्त हो।
  • गोदाम मे बीजो के भण्डारण हेतु लकड़ी के के्रटो का प्रयोग किया जाये। अपरिहार्य परिसिथतियो मे यदि फर्श पर चटाइयो का प्रयोग करना पड़े तो चटाइयो पर पालीथीन की दोहरी तह बिछाने के उपरान्त ही उस पर बीजो का चटटा लगाया जायें। गोदाम मे चिडि़यो के घोसले तथा अन्य किसी प्रकार की गन्दगी नही होनी चाहिए।
  • बीज भण्डारण के पूर्व गोदाम के फर्श, दीवार तथा छत पर निम्न कीटनाशक दवाओ का घोल बनाकर छिड़काव कराएं। लिण्डेन 1 प्रतिशत ,मैलाथियान 3 प्रतिशत डी डी वी पी 0.25 या 0.50 प्रतिशत एक लीटर प्रति 100 घनमीटर
  • गोदाम की दीवार से 2 फुट की दूरी से चटटै लगायें जाएं। चटटे से चटटे की दूरी 3 फुट रखी जाएं।
  • अलगµअलग प्रजातियो एवं अलगµअलग साइज के थैलो के चटटै अलगµअलग लगाये जाएं।
  • थैलो का मुंह अन्दर की ओर रखा जाये।
  • भण्डारण के उपरान्त गोदाम की धुमीकरण करके बन्द कर देना चाहिए। गोदाम के एयरटाइट न होने की सिथति मे चटटो पर धूमीकरण कवर डालकर धूमीकरण किया जाएं। धूमीकरण के लिए सेल्फास की एक से दो टिकिया प्रति टन बीज मात्रा या एक टिकिया प्रति 4 वर्ग मीटर क्षे. के हिसाब से किसी प्याली मे रखकर बोरों के विभिन्न स्तरों पर नीचे से ऊपर तक इस प्रकार रखे कि गैस का फेलाव समान रूप से हों।
  • धूमीकरण के उपरान्त गोदाम के दरवाजोखिड़कियां अथवा धूमीकरण कवर के चारों ओर गीली मिटटी का प्रयोग करें। जिससे गैस का बाहर रिसाव न हो सकें। पूरी धूमीकरण की कार्यवाही 20 मिनट मे समाप्त हो जायें। धूमीकरण के उपरान्त गोदाम को अथवा चटटो को एक सप्ताह तक बन्द रखना चाहिए। साफ मौसम मे ही गोदाम खोले तथा कम से कम 4 घण्टे तक सभी दरवाजो एवं खिड़कियो को खुला रखने के उपरान्त ही गोदाम मे घुसना चाहिए।साफ मौसम मे गोदाम का समय-समय पर निरीक्षण किया जाये। थैलों की सिलार्इ के पास उंगलियो से रगड़कर जांच करें कि उसके नीचे ऊपर कीड़ो के अण्डे तो नही है।
  • कीड़े दिखार्इ देने की सिथति मे धूमीकरण करें तथा एक माह पश्चात पुन: गोदाम का धूमीकरण करें। गेंहू बीज भण्डारित होने के सिथति मे अनितम धूमीकरण सितम्ब्र माह के अनितम सप्ताह मे करना चाहिए। छिड़काव प्रत्येक 15 दिन की अवधि के उपरान्त करना चाहिए। जुलार्इ केे मध्य से सितम्बर मध्य तक विशेष सावधानी बरतनी चाहिए क्योकि इसी अवधि मे कीटो का सर्वाधिक प्रकोप होता ह
  • बीज गोदाम से तभी बीज दिया जब वातावरण मे आद्र्रता 75 प्रतिशत से अधिक न हो।
 
 

विशेष कार्यक्रम

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